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इंटुकले पिंटुकले केरजीवाल को मेरा EVM मुद्दे पर पत्र

प्यारे केरजीवाल जी,

मुझे लगा था दिल्ली MCD चुनाव के बाद आपकी अकल ठिकाने आ गई होगी लेकिन आज जब आपके दल के नेता ने दिल्ली विधानसभा में EVM हैक करने का खेल दिखाया तो समझ में आ गया कि आपको अकल दांत भले आ जाये लेकिन आपको अकल कभी नहीं आएगी। 

चलो मान लेते हैं EVM हैक हो सकता है। जब मोहनी मंत्र फूँककर आदमी को भरमाया जा सकता है तो मशीन को भरमाना कोई बड़ी बात नहीं है। कुछ महीने पहले एक्सिस बैंक को कुछ मनचलो ने हैक कर लिया था। दुनियाँ की कई बेहतरीन और आधुनकी प्रणाली की तकनीक वाली कंपनियाँ पिछले कुछ साल में हैक हो चुकी हैं। इसलिए EVM हैक करना कोई बड़ी बात नहीं है। 

ऊपर बताए गए बैंक और हैक हुई कंपनियों में जो एक चीज सामान्य है। वह है उनका इंटरनेट से जुड़ा होना। इसलिए उन्हें एक जगह से बैठे - बैठे तीन - चार चतुर बुद्धि लोगों द्वारा हैक किया जा सकता है लेकिन आपको बताता चलूँ कि EVM ना तो इंटरनेट से जुड़ा होता है ना ही किसी सर्वर से तो उसे एक जगह बैठकर हैक करना असंभव है।

यदि किसी प्रदेश का चुनाव जीतना है तो वहाँ की ५०% से अधिक मशीनों को हैक करना होगा। चूँकि EVM मशीन को एक जगह बैठकर हैक नहीं कर सकते हैं इसलिए सभी मशीनों में गड़बड़ी वाली चीप डालनी पड़ेगी और फिर उसे चुनाव के बाद निकलना पड़ेगा, ताकि आप जैसे लोगों के उंगली उठाने पर कोई जाँच हो तो सब सही मिले। अब इस कार्य को करने के लिए काफी लोग लगेंगे और उन काफी लोगों में से कोई ना कोई तो प्रशांत भूषण या फिर योगेंद्र यादव निकल ही आता। जो धांधले बाजी का ढोल सबके सामने फोड़ देता और आप से अच्छा इस बात को कौन जानता है। 

आप जैसे चतुर लिंगम बुद्धि के नेता और ऐसी चतुर लिंगम बुद्धि के चाटुकारों से घिरे रहनेवालों को इतनी आसान सी बात क्यों समझ में नहीं आती है। 

यदि इतने पर भी आप नहीं मानते हैं तो बस इतना कहना चाहता हूँ - 
हटा सावन की घटा... 
खा खुजा.. 
बत्ती बुझाके, सो जा.. 
इंटुकले पिंटुकले, कुल्ला उलटा करके पश्चिम की तरफ वटले, कटले.. 
मंटी पे खडेली आंटी, बजा रहेली है घंटी, बारबार.. 
संभल जा सुधर जा.. नही तो कोपचेमे लेके तेरेको देता हू दो चार..

धन्यवाद,

PS : केजरीवाल जी इसे पढ़ने के बाद मेरा ईमानदारी का प्रमाणपत्र ख़ारिज मत करना। 

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