​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।

#कविता - वो रात फिर जीना है

वो कोटरों से किर किर की आवाज,
वो गुजरना पगडंडी पर से शाम के वक्त,
रात के अंधेरे में दरख्तो के साये से डरना,
बेना हौक कर हवा को चेहरे से मिलाना, 
वो मुंज-बांस से बनी खटिया पर सोना,
रात का वो सन्नाटा,
निरीह आँखों से तारों को तकना,
रात को सोते वक्त निमकोईय्या का हमपर गिरना,
बहुत कुछ है बताने को,
बहुत कुछ है जो याद आता है,
यहाँ तीन रुम के मकान में कैद हो गया हूँ,
कभी आजाद हुआ तो वो रात फिर जीना है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें