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#व्यंग्य - CA की आत्महत्या

एक CA बनने के लिए जो परिश्रम करना पड़ता है उसके बारे में सिर्फ सोचकर ही आत्मा थर्रा जाती है। बारहवीं पास करने के बाद सीपीटी की परीक्षा दो या बैचलर के तीन साल खत्म करके ITT के ट्रेनिंग का इंतजार करो। 

IPCC की परीक्षा देने के बाद फाइनल की परीक्षा देकर पास करो और साथ में ४८ महीने की आर्टिकलशिप करना ऐसा कि "आसमान से गिरे खजूर पर अटके"। ४८ महीने में जिसकी देखरेख में बेचारा CA का कैंडिडेट आर्टिकलशिप करता है वो उसके साथ अपने घर के रामू से भी अधिक काम लेता है। भगवान का शुक्र है कि बेचारे आर्टिकलशिप करने वाले को झाड़ू पोछा नही करना पड़ता है। यदि उसके सर्टिफ़िकेट पर हस्ताक्षर करनेवाले का चले तो उनसे वो भी करवा ले।

मैंने तो स्वयं कई बार CA आर्टिकलशिप करनेवालों को खून के आँसू रोते देखा है। जिन लोगों ने सभी परीक्षाओं को पहली बार मे पास कर लिया उन्हें तो ठीक ठाक नौकरी मिल जाती है परंतु जिन्होंने परीक्षाएँ पहली बार में पास नही की उन्हें तो इतनी मेहनत करने के बाद भी ढंग की नौकरी मिलने में समय लग जाता है।

कल रात एक CA ने अपने घर की बलकनी से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। लोगों का मानना है कि उसने समाचार में देखा कि किस तरह जाली और फोटोशॅाप डिग्री लेकर लोग सरकार में मंत्री बन रहें है, पैसा कमा रहें हैं और यदि सरकार उस जालसाज को गिरफ्तार कर ले तो उसके बचाव में लोग आकर धरना दे रहें हैं। 


और दूसरी तरफ बेचारा विद्यार्थी  CA बनने मे पूरे ६ साल लग गए और उसके बाद भी पिछले ३ साल से ३०,०००₹ महीने की तनख्वाह पर काम कर रहा था और दूसरी तरफ नकली डिग्री बनाकर लोग लाल बत्ती की गाड़ी में घूम रहे हैं। बेचारे ने अपने नादनपने पर शोक किया कि क्यों उसने अपनी जिंदगी के १९ साल पढ़ने में लगा दिए।

हमार देश भी गजब अवसरों का देश है यहाँ जो चुनाव लड़ता है वो मुख्यमंत्री बनता है और जो चुनाव नही लड़ता वो देश का प्रधानमंत्री बनता है। देश के दुर्भाग्य ये भी है, पढ़े लिखे सड़क छान रहें हैं और चोर/गुंडे/डकैत नेता बनकर बैठे हैं

जय हिंद
डॅाक्टर पुरानी बस्ती
( बाबू का बड़ी इच्छा रही कि हम बड़ा होइकर डाक्टर बनी, इसलिए मैंने भी लालसाहब की फोटोशॅाप लैब से एक डॅाक्टर की डिग्री बनवा लिया है)


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