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#व्यंग्य - राहुल गाँधी की नजर से

राहुल गाँधी के राहुल गाँधी बनने की कहानी आप सब पढ़ चुके हैं और यदि नही पढ़ें हैं तो अपनी दृष्टि  राहुल जैक्सन (द डांसर) पर जरूर ले जाएं। जहाँ तक मेरी जानकारी है राहुल गाँधी की शुरुआती पढ़ाई भारत में ही हुई है। दादी इंदिरा गाँधी के देखरेख के बाद पिता राजीव और इटली की सोनिया गाँधी (राहुल की माँ) ने राहुल का बचपन से खयाल रखा।

आप लोगो को सिद्धार्थ के बुद्ध बनने की यात्रा का ज्ञान होगा। सिद्धार्थ के बचपन में ही उनके सन्यासी बनने की घोषणा हो चुकी थी। उनके पिताजी ने सिद्धार्थ को घर में ही बंद करके उनका लालन पालन शुरू किया। पढ़ाने के लिए भी लोग राजमहल में आते थे। सिद्धार्थ के चारो तरफ सुख और संपन्नता का एक मायाजाल रचा गया। आगे की कहानी आप जानते हैं।

मुझे लगता है राहुल गाँधी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उन्हें बताया गया कि कांग्रेस के बरसो के शासन मे भारत में दूध-घी की नदियाँ बहती थी। अंग्रेजों के जाने के बाद भारत सोने की चिड़ीयाँ बन गया था। चारो तरफ संपन्नता थी। गरीबी का कोई नामो निशान नही था।

राहुल गाँधी के चारो तरफ भी एक मायाजाल फैलाया गया। अब कूपमंडूक के लिए बाहरी दुनिया का हर पल एक नया सत्य रहता है। मई २०१४ के चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद बरसो से शीश महल में राजकुमार का जीवन व्यतीत करने वाले और कांग्रेस के चाटुकार शिक्षको से पढ़ने के बाद राहुल बाबा महल से बाहर निकले।

राहुल गाँधी जब महल से बाहर आए तो उन्हें दूध-घी की नदियाँ तो नही दिखी उलटा सड़का पर बहते पानी से उनके जूते गंदे हो गए। चिड़ीया तो सोने की ना थी, चारो तरफ गरीबी त्राहिमाम कर रही थी। अपने रथ के चारो तरफ दौड़ते लोगो को देखकर राहुल गाँधी को बेरोज़गारी का आलम पता चल गया।

राहुल गाँधी पुनः अपने राजमहल में लौट गए और सभी चाटुकार मंत्रीयो को बुलाया। सवाल जवाब में मंत्रियों ने बताया कि सब कुछ वैसा ही था जैसा उन्होंने किताब में पढ़ा था लेकिन नरेन्द्र मोदी के जीतने के बाद चारो तरफ भुखमरी, बेरोजगारी का माहौल छा गया।दूध की नदियाँ सूख गई और अब तो पीने का पानी भी नही मिलता।

उसी पल राहुल गाँधी ने मोदी का तख्ता पलट करने का प्रण लिया और भारत को फिर से २०१४ मई के पहले का देश बनाने की घोषणा कर दी।

टिप्पणियाँ

  1. उसके बाद राहुल गांधी ने कई गरीब के घर खाना खाया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे की " गरीबी कछ नहीं बस मन का वहम है।

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  2. इन्शाअल्लाह! इतने जोश में हैं कि बना ही लेंगे 2014 के पहले का भारत।

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    1. बना सकते हैं सर - सिर्फ आदर्श लिबरल का साथ बना रहे

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  3. ई मोदिया सब बर्बाद कर दिया है.. परदादा का, दादी का, पापा के मेहनत पर पानी फेर दिया है - एक ट्वीट_____

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  4. bahut hi behtareen lekh...ek dum sateek kataksh...aapke blog ka str kafi uncha hai....shubhkamnaye

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