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​काले हिरन की मौत

काले हिरन के जन्म के समय उसके माता और पिताजी बहुत खुश थे। काले हिरन ने जन्म लेते ही अपने पैर हवा में उछालना शुरू कर दिये तो उसके पिताजी ने कहा की मेरा बेटा बड़ा होकर फुटबॉल चैंपियन बनेगा लेकिन उसकी माँ और दादा जी उसे इंजीनियर बनाना चाहते थे। एक दिन काल हिरन अपनी माँ के साथ जंगल में टहल रहा था और माँ के लाख मना करने के बावजूद वो जंगल के उस तरफ चला गया जिस तरफ शेर घुमा करते थे। एक शेर की नजर काले हिरन पर पड़ी और वो उसके पीछे दौड़ा। अपने बच्चे की जान जोखम में देखकर काले हिरन की माँ शेर के रास्ते में आ गयी और शेर ने उसे जान से मार दिया। इस घटना के बाद बेचारा काला हिरन हमेशा चिंता में डूबा रहता था। काला हिरन ये दर्द लेकर हर दम घुटता की उसकी माँ की मृत्यु उसके कारण हुई। 

काले हिरन की माँ के मृत्यु के बाद उसके पिताजी रोज नशे में डूबकर घर आते और बेचारे काले हिरन को बहुत मारते थे। काला हिरन अपने ​ऊपर होनेवाले वाले इस अत्याचार को रोज सहता था। काला हिरन पढ़ाई में बहुत तेज था और उसने विज्ञान लेकर अपनी बारहवीं की पढ़ाई की और साथ में IIT-Jee की तैयारी में लग गया। बारहवीं के परिणाम तो अच्छे आये लेकिन IIT-Jee का अंक किसी काम का नहीं था और वही पड़ोस वाले भालू चाचा का बेटा IIT-Jee में ३ स्थान पर आया था। काले हिरन की पिताजी ने उस दिन उसे खूब ताने मारे और गालियाँ दी। काले हिरन की जगह मैं होता तो आत्महत्या कर लेता लेकिन काले हिरन ने हिम्मत ना हारी और वो फिर से IIT-Jee की तैयारी में लग गया। एक साल के इंतजार के बाद आखिर फिर परीक्षा के दिन आये और वो IIT-Jee में अच्छे अंक लेकर पास होकर एक बेहतरीन कॉलेज में दाखला पा गया। 

इंजीनियर की पढ़ाई तो आप लोग जानते ही है। बीच बीच में छुट्टियाँ होने पर काला हिरन गाँव आता था और पिताजी की वही फटकार सुनकर दुःखी होता था। इस बीच एक हीरो की फिल्म तेरे नाम आयी और तब से अपना काला हिरन राधे भईय्या बनकर घूमने लगा और कॉलेज की एक हिरनी निर्झरा को दिल दे बैठा, लेकिन निर्झरा किसी और से प्यार करती थी, ये जानकार काले हिरन का दिल टूट गया और वो पागल बनाकर घूमने लगा। जैसे - तैसे इंजिनीरिंग की पढ़ाई ख़त्म हुई। काले हिरन को तीन सेमिस्टर में केटी लगी थी जिसके चलते उसे कैंपस प्लेसमेंट नहीं मिला। अब उसके सामने एक ही रास्ता था की वो MBA करे लेकिन उसके पिताजी ने MBA के पैसे देने से साफ मना कर दिया। 

बेचारा काला हिरन नौकरी की तलाश में गली-गली भटक रहा था। इंजीनयर लोगो की हालत ऐसी थी की यदि भीड़ में एक पत्थर मार दो तो ९५% प्रोबेबिलिटी थी कि वो पत्थर किसी इंजीनयर को जाके लगे। घर पर पिताजी रोज ताने मारते और दूसरी तरफ माँ की मृत्यु का दुःख। निर्झरा का ना मिलना और अब साल भर से बेरोजगार ऊपर से पिताजी ने जिस साहूकार से पढ़ाई के लिए उधर लिया था वो भी रोज घर आके चार गली देकर जाता था। 

बेचारा काला हिरन अब जिंदगी से थक चूका था और उसने आत्महत्या का निर्णय लिया। उसने ट्रेन से कटकर मरने की ठानी लेकिन मरने से पहले वो किसी फिल्म की शूटिंग देखना चाहता था। वही पास में एक फिल्म का सेट लगा था काला हिरन वहाँ पहुँच गया और दिनभर शूटिंग देखि। शाम को वापस जाते समय उसने एक कोने में कुछ कारतूस पड़े देखे और मन ही मन कुछ सोचा ............. थोड़े समय के बाद उसने कारतूस को निगल लिया और आत्महत्या कर ली। इस तरह बेचारा काला हिरन (चिंकारा) इस दुनिया से चला गया। मैं उस काले हिरन की आत्मा की शांति की कामना करता हूँ। 

शायद ये वही चिंकारा है जिसकी हत्या का आरोप आगे चलकर श्री सलमान खान पर लगा दिया गया। 


पों पों - अगले सोमवार फिर आना बस्ती में, एक नई रचना के साथ आपका स्वागत होगा। 

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टिप्पणियाँ

  1. Hahaha kaale hiran bhi tere naam dekhte hain.... bhagwan bechaare ki aatma ko shanti de.. achcha lekh hai aapka :)

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    1. धन्यवाद, हम भी भगवान से काले हिरन की आत्मा की शांति की कामना करेंगे

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  2. इंजीनियर को हिरन से जोड़ने का मतलब समझ नहीं आया. पर इंजीनियर की ज़िन्दगी सही लिखी है

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    1. धन्यवाद, क्योंकि हिरन को किसी ने नहीं मारा तो वो आत्महत्या ही करेगा और पढाई लिखाई का भी हाल कुछ ऐसा ही है

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  3. बाकमाल सर,सल्लू मियाँ तो ऐसे ही बदनाम हैं

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    1. सही कहा - बेचारे हिरन की आत्महत्या का जवाबदार बना फिर रहा है

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  4. करुण और हास्य रस का अदभुत संयोग.....! हमेशा की तरह आपकी लेखनी सोचने को मज़बूर करती है सर।

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    1. धन्यवाद राहुल, कोशिश रहेगी की आप को हमेशा कुछ अलग और नया पढ़ने को मिले

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  5. बढ़िया। और भी बेहतर हो सकता था यदि आप इंजीनियर की बजाय काले हिरण पर केंद्रित रहते। छोटा मुंह बड़ी बात हेतु क्षमाप्रार्थी।

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    1. जी आगे से ध्यान रखूँगा लेकिन इस लेख से कानून व्यवस्था और हमारी शिक्षा प्रणाली पर आघात करने की कोशिश की है

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  6. आपका ब्लॉग मुझे बहुत अच्छा लगा, और यहाँ आकर मुझे एक अच्छे ब्लॉग को फॉलो करने का अवसर मिला. मैं भी ब्लॉग लिखता हूँ, और हमेशा अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ. कृपया मेरे ब्लॉग पर भी आये और मेरा मार्गदर्शन करें.

    http://hindikavitamanch.blogspot.in/
    http://kahaniyadilse.blogspot.in

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    1. धन्यवाद ऋषभ - मैं आपके ब्लॉग कर जाकर एक दो कविता पढ़ चूका हूँ - वो खटमल वाली कविता अच्छी लगी

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    1. धन्यवाद हर्षिता , कोशिश रहेगी की आप को हमेशा आनंदित होने का मौका मिले

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  8. बेहतरीन प्रयास, काले हिरन की प्रतिभा कभी खुल के सामने ही न आ सकी, सर्वश्रेष्ठ शेष था पर सबसे बड़ी गलती प्रकृति की थी जिसने उसे हिरन बनाया वो भी काला हिरण। इतिहास गवाह है कि हिरनों के लोभ में ही माता सीता का किडनैपिंग हुआ था। हिरण के शराबी पिता को तो मुआव्जा भी न मिला होगा

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    1. मुवाजा तब मिलता है जब खेत की फसल ख़राब होने पर आत्महत्या की जाए

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  9. बहुत सुन्दर , भाई । अब नियमित आउंगा इस पेज पे । काले हिरण को प्रतीक बना जो व्यवस्था पर आपने चोट की है । सच भी है न्याय गरीब का तो हुआ नही कभी , न उसे सच्चे गवाह मिलते हैं न झूठे । निराला ने भी राम की शक्ती पूजा में लिखा है - सिंही की गोद से छीनता है शिशु कौन , मौन भी क्या रहती वह रहते प्राण । हिरन की नियती ही है कि उसकी मौत को कोई ड्राईवर अपनी उपलब्धि बताये या वो आत्महत्या करे । जैसे किसान की नियती है ७५/- का चैक पाना । खैर आप जैसे कलमकार सोई आत्माओं के लिया अलार्म तो बजा रहे । आपका मित्र ट्विटर पे -@ girish_sonu

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    1. अच्छा लगा ये जानकर की आपको लेख पसंद आया - जी हमारे समाज में आज भी कई दकियानूसी परंपरा और व्यवस्था है उनपर चोट करा ही हमारा लक्ष्य है

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  10. Kalpana aur haqiqat ka bahut Accha talmel hai apki kahani kale hiran ki Maut

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    1. धन्यवाद शिखा, कोशिश रहेगी की आपके लिए इसी तरह अच्छा लिखता रहे

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  11. बहुत खूबसूरत। एक तीर से दो निशाने लगा दिए इस ब्लॉग से आप ने। कानून व्यवस्था के दोहरे मापदंड और शिक्षा व्यवस्था को करार प्रहार किया आप ने।
    #जलपरी

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  12. बहुत खूब। काला हिरण तो पढ़ाई के बोझ सेे मर गया।
    twitter.com/TweetHindi

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  13. Masha alah... bechara kala hiran.. well scripted bhai...keep it up

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  14. Tum sach kehte the bhai...is bechare kale hiran se Salman khan ka koi lena dena nahi hai...ha ha ha...
    waise engineer hone ke naate atkt ka dard khub samjha maine bhi :D

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  15. सही कटाक्ष है..उस काले हिरण के वाकये के ज़रिये हमारे समाज के पढ़े लिखे अनपढ़ बेरोज़गारों पर ।

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  16. लोग इतना बोल चुके है मेरे लिए तो कुछ बचा ही नहीं बोलने को, खैर इस बार सर्फ आई लव यू से काम चलाओ लेख तो सुपर हिट है

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