​पुरानीबस्ती पर प्रकाशित सभी ख़बरें सिर्फ अफवाह हैं, किसी भी कुत्ते और बिल्ली से इसका संबंध मात्र एक संयोग माना जाएगा। इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसे लिखते समय किसी भी उड़ते हुए पंक्षी को बीट करने से नहीं रोका गया है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है। यदि आप यहाँ प्रकाशित किसी लेख/व्यंग्य/ख़बर/कविता से आहत होते हैं तो इसे अपने ट्विटर & फेसबुक अकाउंट पर शेयर करें और अन्य लोगों को भी आहत होने का मौका दें।

मौका-मौका

मौका जीत का हो या हार का,
मौका जन्म का हो या मरन का,
मौका उत्तर का हो या दक्षिण का,
मौका सुख का हो या दुःख का,
मौका गिरने  का हो या उठने का,
मौका सफलता का हो या विफलता का,
मौका बाढ़ का हो या सूखे का,
मौका बीमारी का हो या सुधार का,
मौका लोकतंत्र का हो या तानाशाही का,
मौका आर्थिक उन्नति का हो या अवनति का,
मौका खेल का हो या षड़यंत्र का,
मौका कालाबाजारी का हो या घोटालो का,
हम हर पल मौके की तलाश में रहते हैं,
हम हर मौके पर कमाते है,
हम बाज़ारू मीडिया है,
हम हर मौके पर खबर बनाते है,

अगले सोमवार फिर मिलेंगे एक नई रचना के साथ।  आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए भारतरत्न है तो जरूर देना। 

3 टिप्‍पणियां:

  1. सब खबर बनाने वालो की खबर लेती कविता

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  2. ki har khabar ko mauka banate hai ki mauke se koi mauka mil jaye aur nayi khabar mauke pe hath lag jaye...ki mauke se mauka mila to chalo kuch likh hi liya jaye.
    khoobsurat aur arthpurn paktiyaan

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