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राजदीप की किताब

यमराज का दरबार 

चित्रगुप्ता जी ये कौन मनुष्य है जो हर आये दिन अपनी किताब लॉन्च करता रहता है? और इसने अपनी जिंदगी में कितनी किताबे पढ़ी जो ये हर आये दिन सबको अपनी किताब पढ़ने के लिए कहता है। हमें तो ज्ञात होता है की पूनम पांडेय ने इतनी बार अपनी आधी नंगी फोटो ट्विटर पर नहीं डाली है जितनी बार ये मनुष्य अपनी किताब की फोटो ट्विटर पर डालता रहता है। और इसने ये किताब में ऐसा क्या लिखा है ?

उसी बीच यमदूत धरती से एक इंसान की आत्मा लेकर यमलोक पहुँचे____ यमराज जी ने पूछा भाई ऐसा क्या किया जो ऊपर आ गए। चित्रगुप्ता जी कुछ कहते इससे पहले उस इंसान ने जवाब देना शुरू कर दिया। यमराज जी मेरा नाम वासु है। मैं हाई क्लास लोगो को लड़किया पहुँचाता था। मेरे ग्राहकों में बड़े बड़े नेता, व्यापारी और अभिनेता शामिल थे। मुझे इतने पैसे मिलते थे जितने में थरूर साहब का एक दिन का खर्च निकल जाये। और फिर एक दिन मैंने एक किताब लिखने की सोची और जैसे ही मैं ने एक प्रसिद्ध लेखक को जाकर किताब लिखने के लिए सच्चाई बताना शुरू किया उसने मुझे जान से मार दिया। यमराज जी ने पूछा उसने ऐसा क्यों किया ? बेचारे वासु ने बताया की किताब के चक्कर में मैंने उसे बता दिया की उसकी बीबी हर बार जब सहेली के यहाँ बोलकर रात भर नहीं आती तो वो अपने तिवारी जी के घर पर रहती है और उसके बाद का तो आप जानते हो। 

यमराज जी ने कहा मनुष्य तू पहला व्यक्ति है जो हमें सब सच सच बता रहा है, तेरा विचार क्या है ? वासु ने जवाब दिया भगवान मनुष्य अब तब ही सच बोलता है जब उसे किताब लिखनी होती है। 

तब तक यमराज जी के ट्विटर फीड पर फिर से किताब लॉन्च होने का अपडेट आया। इस बार यमराज जी चिढ़ गए और बोले गुप्ता जी अभी के अभी यमदूतों को भेजकर इस किताब वाले मनुष्य को ऊपर ले आओ। गुप्ता जी ने कहा महराज अभी उसकी आयू पूरी नहीं हुई है तो अभी ऊपर नहीं आ सकता है। आगे बोलते हुए गुप्ता जी ने कहा इस मनुष्य का नाम राजदीप घोष है। यमराज ने कहा उड़ी बंगाली बाबू। गुप्ता जी ने कहा नहीं महराज इसका उपनाम सरदेसाई है लेकिन शादी के बाद इसने जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए और राहुल गांधी वुमन एम्पावरमेंट योजना के तहत अपनी बीबी के उपनाम को अपने नाम के साथ जोड़ लिया। 

यमराज जी ने चित्रगुप्ता जी से कहा इसकी किताब किस बारे में है। चित्रगुप्ता जी ने कहा महराज वैसे तो ये किताब भारत के २०१४ के चुनाव के बारे में है लेकिन इसमे राजदीप की सरदेसाई से घोष बनने तक की हर एक घटना का जिक्र है। इस किताब में लिखा है की मोदी जी महँगी घड़ी, चश्मे और कपड़ो का शौक रखते है जिससे पता चलता है घोष बाबू ने पैसा कमा लिया किताब लिख ली परंतु आज भी दुसरो को खाता - पहनता देख चिढ़ जाते है, प्रभु जिस गति से ये रोज रोज किताब लॉन्च करते है यदि उसका आधा भी हम ने भगवद्गीता के लिए किया होता तो आज वो संपूर्ण विश्व की एक मात्र श्रेष्ठ किताब होती। चित्रगुप्ता जी ने आगे कहा कि प्रभु यदि आपको ट्विटर पर रीट्वीट चाहिए तो इसकी किताब खरीद कर फोटो लेकर घोष बाबू को टैग करके इसे ट्विटर पोस्ट कर दीजिये तुरंत आपको मिस्टर & मिसेस घोष रीट्वीट कर देंगे। मैंने खुद गूगल से किताब की फोटो डाउनलोड करके किताब की तारीफ करके कई रीट्वीट ले चूका हूँ। 

यमराज जी ने कहा इससे बढ़िया है की मैं इन्हे अनफॉलो कर दू और घोष बाबू को हमारे तरफ से एक किताब भेज दो और उसमे लिख देना सब कुछ आ गया लेकिन क्लास नहीं आई।

टिप्पणियाँ

  1. mahaz baat kahane ko kai bashinde the kataar me
    par nazar tham gayi unhi pe ja kar
    wo kuch yun ki...
    janaab page number k sath waqya bata rhe the
    apne daftar jane ka

    dimaag aur vichar ko kutil muskaan dene wala kuch likha hai...mazedaar likha hai

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  2. क्लास कैसे आती है जानने के लिए पढिए मेरी किताब। 😜
    बहुत बढिया लिखा है। 😊

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  3. निश्चित ही उम्दा लेख, पर राजदीप सर के "अमेरिकी थप्पड़" काण्ड का उल्लेख ना होना खलता है !

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